ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने कहा, “ठंड की वजह से, बहुत ज्यादा ठंड… मैंने व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति पुतिन से कीव और शहरों और कस्बों पर गोलीबारी न करने के लिए कहा था।” उन्होंने कहा कि पुतिन इस रोक पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने आगे कहा, “यह बहुत अच्छा था।”
रूस-यूक्रेन में स्थायी सीजफायर की कोशिश में ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से ही रूस-यूक्रेन में स्थायी संघर्ष विराम के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनके ही प्रयासों से संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी यूएई में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय बैठकें हुई हैं। इस बैठक में अमेरिका की ओर से ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर शामिल हुए हैं। अगली दौर की वार्ता 1 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष विराम में बाधा क्या है
अमेरिका और यूक्रेन ने संघर्ष विराम को लेकर एक “20-सूत्रीय योजना” भी बनाई है, जिस पर रूस के साथ चर्चा हो रही है। हालांकि, इस पर रूस की तरफ से अभी कुछ नहीं कहा गया है। बताया जा रहा है कि संघर्ष विराम में सबसे बड़ी बाधा यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्रों (डोनबास) को लेकर है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन यूक्रेन पर डोनबास क्षेत्र रूस को सौंपने के बदले में सुरक्षा गारंटी देने का दबाव बना रहा है, जिसे यूक्रेन ने अब तक स्वीकार नहीं किया है।
ईयू ने भारत से लगाई रूस पर दबाव डालने की गुहार
यूरोपीय संघ ने भारत से यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर दबाव डालने की गुहार लगाई है। यूरोपीय संघ में विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के लिए उच्च प्रतिनिधि काजा कैलस ने भारत-रूस संबंधों का जिक्र कर यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए पुतिन पर दबाव बनाने का अनुरोध किया है। उनका यह बयान भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद आया है। हालांकि, इस समझौते के बाद जारी संयुक्त बयान में रूस के नाम का कोई उल्लेख नहीं था।













