जनवरी महीने में रोजाना औसतन 91,403 करोड़ रुपए का यूपीआई ट्रांजैक्शन हुआ, जो दिसंबर के 90,217 करोड़ रुपए के मुकाबले ज्यादा है। जनवरी में रोजाना औसतन 70 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 69.8 करोड़ था। दिसंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 29% बढ़कर 21.63 अरब रही थी। वहीं ट्रांजैक्शन की राशि 20% बढ़कर 27.97 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
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एक्टिव यूपीआई QR कोड
आईएमपीएस के जरिए दिसंबर में कुल 6.62 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ। यह पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा था और नवंबर के 6.15 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक रहा। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 70.9 करोड़ एक्टिव यूपीआई क्यूआर कोड हो चुके हैं, जो जुलाई 2024 के मुकाबले 21% ज्यादा है।
वर्ल्डलाइन इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, किराना दुकानों, मेडिकल स्टोर, ट्रांसपोर्ट केंद्रों और ग्रामीण बाजारों में क्यूआर कोड की आसान उपलब्धता ने ‘स्कैन और पे’ को पूरे देश में आम भुगतान तरीका बना दिया है। वर्ल्डलाइन के सीईओ रमेश नरसिम्हन ने कहा, ‘यूपीआई की वृद्धि की गति लगातार मजबूत हो रही है। केवल जनवरी 2026 में भारतीयों ने 28.33 लाख करोड़ रुपये के 21.7 अरब यूपीआई लेनदेन किए, जो दिसंबर की तुलना में अधिक है और सालाना आधार पर 28% की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।’














