अमेरिका ने ऑपरेशन में कैसे किया AI का इस्तेमाल?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार,(REF.) Claude AI का इस्तेमाल डेटा फर्म Palantir Technologies (पालान्टिर टेक्नोलॉजीज) के साथ एक पार्टनरशिप के तौर पर किया गया था। गौर करने वाली बात है कि Palantir के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा काफी किया जाता है।
वहीं एंथ्रोपिक अपनी पॉलिसी में किसी भी तरह की हिंसा, हथियार डिजाइन करने या निगरानी के लिए AI के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देती। वहीं रिपोर्ट में अमेरिकी ऑपरेशन में एंथ्रोपिक के AI के इस्तेमाल की बात सामने आना सवाल खड़े करता है कि क्या सरकार AI कंपनियों की पॉलिसी को दरकिनार कर सकती हैं?
पेंटागन का AI कंपनियों पर दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक पेंटागन का OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी दिग्गज कंपनियों पर दबाव है कि वे अपने AI टूल्स को क्लासिफाइड नेटवर्क पर उपलब्ध कराएं। इसके साथ-साथ सेना यह भी चाहती है कि उनके लिए उपलब्ध कराए गए टूल्स पर वो रोक न हो, जो कि आम यूजर द्वारा AI का इस्तेमाल करते हुए लगाई जाती है।
फिलहाल एंथ्रोपिक ही एक ऐसी कंपनी है जिसका AI मॉडल थर्ड पार्टी के माध्यम से क्सालिफाइड नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और वह 380 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है।
मादुरो की गिरफ्तारी और भविष्य
बता दें कि इस साल जनवरी की शुरूआत में पेंटागन द्वारा चलाए गए ऑपरेशन के जरिए वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से अगवा करके न्यूयॉर्क लाया गया था। अब इस मिशन में एक कमर्शियल AI के इस्तेमाल की रिपोर्ट ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। जानकार इसे युद्ध और सैन्य अभियानों में AI के इस्तेमाल की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि फिलहाल इस जानकारी पर पेंटागन, व्हाइट हाउस और संबंधित टेक कंपनियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि यह तय है कि आने वाले समय में AI भी विश्व राजनीति और सैन्य अभियानों में बड़ी भूमिका निभाएगा।















