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  • वैज्ञानिकों ने बनाया शेप बदलने वाला रोबोट, जेल से बनी बॉडी ले सकती है मनचाहा आकार

    आने वाला समय रोबोट्स का है लेकिन उनके साथ एक बड़ी समस्या है कि वह उस काम तक सीमित रहते हैं, जिनके लिए उन्हें डिजाइन किया गया है। उनकी शेप, आकार और डिजाइन उन्हें कुछ तय कामों से आगे बढ़कर कुछ करने नहीं देता। ऐसे में इस समस्या का हल निकालने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 11, 2026
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    आने वाला समय रोबोट्स का है लेकिन उनके साथ एक बड़ी समस्या है कि वह उस काम तक सीमित रहते हैं, जिनके लिए उन्हें डिजाइन किया गया है। उनकी शेप, आकार और डिजाइन उन्हें कुछ तय कामों से आगे बढ़कर कुछ करने नहीं देता। ऐसे में इस समस्या का हल निकालने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के वैज्ञानिक मिल कर आकार बदलने वाले रोबोट पर काम कर रहे हैं। इसे सॉफ्ट रोबोट का नाम दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह रोबोट सिर्फ लचीला नहीं होगा बल्कि जरूरत के हिसाब से अपना आकार भी बदल पाएगा। चलिए डिटेल में जानते हैं Electro-Morphing Gel नाम के खास पदार्थ से बने अनोखे रोबोट्स के बारे में।

    Electro-Morphing Gel और सॉफ्ट रोबोट क्या है?

    सॉफ्ट रोबोट के पीछे काम करने वाली टेक्नोलॉजी की असली जान Electro-Morphing Gel नाम का खास पदार्थ है। इसे एक सॉफ्ट मैट्रिक्स की तरह समझा जा सकता है। इसमें कार्बन के बेहद बारीक कण एक जाल की तरह सामान रूप से फैले होते हैं। इसे किसी भी आकार में ढाला जा सकता है और करंट की मदद से मोड़ा, खींचा या हिलाया जा सकता है।

    वैज्ञानिकों ने इसे समझाने के लिए इंसान जैसी शेप के तौर पर दिखाया है, जो अपनी बाजुओं का इस्तेमाल करके झूल सकता है। इस रोबोट की खासियत है कि इसे अलग-अलग आकार में बदल कर इससे कई तरह के काम लिए जा सकते हैं।

    कैसे चलता है ये रोबोट?

    सॉफ्ट रोबोट को चलाने के लिए मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इसे मैग्नेटोकाइनेसिस का जाता है। हालांकि इसके लिए भारी इलेक्ट्रोमैग्नेट या बाहरी मशीनों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रोकाइनेसिस का तरीका विकसित किया है, जिसमें बेहद पतले इलेक्ट्रोड्स से इलेक्ट्रिक फील्ड बनाकर वही काम लिया जा सकता है। ये इलेक्ट्रोड एक एटम जितने पतले भी हो सकते हैं और साथ ही ये बेहद हल्के भी हैं। यही वजह है कि रोबोट को छोटी जगहों पर भी किसी भी तरीके से बेहद आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

    भविष्य में कहां काम आएगा यह रोबोट?

    वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खास रोबोट उन तमाम जगहों पर काम आएंगे, जहां पारंपरिक रोबोट फेल हो जाते हैं। यह संकरी जगहों तक पहुंचने, नाजुक चीजों को पकड़ने और ऐसी जगहों पर काम कर पाएंगे जहां पारंपरिक रोबोट्स किसी काम नहीं आ पाते। रिपोर्ट की मानें, तो भविष्य में यह रोबोट अंतरिक्ष में सैटेलाइट पहुंचाने से लेकर सोलर पैनल जोड़ने जैसे काम कर सकते हैं। इसके अलावा इनके बायोमेडिकल टूल्स और टेक्नोलॉजी में इस्तेमाल होने की भी संभावना है।

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