• Crime
  • शादीशुदा महिला का इंस्टाग्राम के जरिए अफेयर, पति की हत्या, वर्चुअल वर्ल्ड में सज रही जुर्म की महफिल

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और यू-ट्यूब फिलहाल सबसे सशक्त माध्यम है। इनके साइड इफेक्ट भी सामने आने लगे है, क्योंकि अपराधियो के लिए यह नया ठिकाना बन गए है। संगठित अपराधी और साइबर क्रिमिनल्स तक इनके जरिए नाबालिगो से लेकर प्रतिष्ठित शख्सियतो को अपना शिकार बना रहे है। फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 22, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और यू-ट्यूब फिलहाल सबसे सशक्त माध्यम है। इनके साइड इफेक्ट भी सामने आने लगे है, क्योंकि अपराधियो के लिए यह नया ठिकाना बन गए है। संगठित अपराधी और साइबर क्रिमिनल्स तक इनके जरिए नाबालिगो से लेकर प्रतिष्ठित शख्सियतो को अपना शिकार बना रहे है। फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में फूहड़ता पीक पर है तो कमेट्स को लेकर मर्डर तक हो रहे है। सोशल मीडिया से फैलती ‘महामारी’ के विभिन्न पहलुओं के बारे में बता रहे है शंकर सिंहः

    बिहार के मुजफ्फरपुर में एक शादीशुदा महिला को इंस्टाग्राम के जरिए एक युवक से अफेयर हो गया। महिला ने 3 फरवरी को अपने बॉयफ्रेंड के साथ एक फोटो अपलोड कर दी। पति ने विरोध किया तो पत्नी घर से चली गई। रात को पति को बाहर बुलाया और कत्ल को अंजाम दे दिया। दूसरी हैरतअंगेज वारदात भी बिहार के भोजपुर की है, जहां पिछले महीने एक लड़की के इंस्टाग्राम पोस्ट पर कोचिंग में साथ पढ़ने वाले लड़के ने कमेंट किया। लड़की ने बॉयफ्रेंड को बदला लेने के लिए उकसाया तो उसने 16 साल के लड़के की हत्या कर दी। इसी तरह का कत्ल 17 जनवरी को साउथ ईस्ट दिल्ली के जैतपुर में भी हुआ, जब सोशल मीडिया पर शेयर एक पोस्ट पर दो गुट भिड़े।

    इंस्टा से हनीट्रैप में फंसा कर हत्या

    याद है 18 जून 2024 का बहुचर्चित बर्गर किंग हत्याकांड, जिसे विदेश में बैठे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने अंजाम दिलवाया था। रोहतक निवासी 18 साल की अनु धनखड़ ने झज्जर के अमन जून से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती की। बर्गर किंग में मिलने बुलवाया, जहां दो शूटरों ने करीब 40 राउंड फायरिंग कर अमन को ढेर कर दिया। दूसरी वारदात 15 जनवरी 2026 को रोहिणी में हुई, जब जापानी पार्क में 15 साल के दिव्यांशु का चाकू से कत्ल किया गया। खुलासा हुआ कि दिव्यांशु का एक नाबालिग की बहन से अफेयर था। 17 साल के नाबालिग ने ‘ममता’ नाम से इंस्टा पर फर्जी अकाउंट बनाया, जिसके जरिए दिव्यांशु को हनीट्रैप में फंसा लिया। जापानी पार्क बुला कर दोस्तों के साथ मौत के घाट उतार दिया।

    गैंगस्टर्स चला रहे यहां से सिंडिकेट

    देश या विदेश से ऑर्गनाइज्ड क्राइम को अंजाम देने वाले गैंगस्टर्स सोशल मीडिया के जरिए अपना सिंडिकेट चला रहे हैं। पुलिस के एक आला अफसर बताते है, ‘गैंगस्टर्स दहशत फैलाने के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत अन्य प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। वो फोटो-विडियो पोस्ट करते हैं, जो हथियारों के साथ, जेल के अंदर की, कोर्ट में पेशी के दौरान की, एक्सटॉर्शन के लिए फायरिंग करवाने की, परोल पर बाहर आने पर जुलूस निकालने की, मर्डर करने या करवाने के बाद कबूलनामे की और विरोधी गिरोहों को धमकाने की होती हैं।’ फोन सभी के पास होता है, लिहाजा विडियो के जरिए डर का माहौल बनाना और अपना दबदबा दिखाना इनके लिए काफी आसान हो गया है।

    गिरोह के लिए भर्ती कर लेते हैं शूटर

    पुलिस अफसरों का दावा है कि गैंगस्टर्स के सोशल मीडिया पर कई पेज है, जिन पर वो अपना रुतवा, पैसा और ताकत दिखाते है। इनके गुर्गे विडियो बना कर गैंगस्टर्स को ग्लैमराइज्ड करते है, जिसका असर युवाओं पर पड़ता है। कई ऐसा युवा होते हैं, जो राह से भटके हुए होते है या फिर नशे की चपेट में आकर छोटे-मोटे वारदात करते है। सोशल मीडिया के जरिए इनको टारगेट किया जाता है। पैसा, दवदवा और हथियार समेत विदेश बुलाने तक के सब्जबाग दिखाए जाते है। रंजिश में बदला लेने की चाह रखने वाले लड़कों को शिकार बनाया जाता है। जेल या विदेश में बैठे गैंगस्टर्स से बात तक करवाई जाती है। इन्हें आधुनिक हथियार देकर टारगेट किलिंग और एक्सटॉर्शन फायरिंग को अंजाम दिलवाया जाता है।

    ड्रग्स और अवैध सामान की भी होती है सप्लाई

    कई ऐसे रैकेट सक्रिय है, जो ड्रग्स, अवैध हथियार, नकली दवा और चोरी का माल बेचने के लिए भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिछले साल सितंबर से अब तक बड़े इंटर स्टेट ड्रग नेटवर्क का भडाफोड़ कर 50 करोड़ रुपये की साइकोट्रॉपिक ड्रग्स बरामद की। इसका नेटवर्क भी सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था। क्राइम ब्रांच ने पिछले साल अगस्त में एक नकली दवा के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सस्ते दामों के जरिए लोगों को फांसता था। इसी तरह से कैंसर की नकली दवा या किडनी रैकेट भी अपना धंधा करते पाए गए है। प्रतिबंधित चाइनीज मांझा और पटाखे भी ऐसे ही बेचने के मामले सामने आते रहे है।

    साइबर ठगों ने फैला रखा है जाल

    सोशल मीडिया पर कई तरह के विज्ञापन दिखाए जाते है, जिनमें निवेश, देश-विदेश में जॉब, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह से कमाई का झांसा दिया जाता है। इस लालच में आकर लोग करोड़ो रुपये गंवा चुके है। इसी तरह से सेक्सटॉर्शन और एक्सटॉर्शन का शिकार भी बनाया जाता है। फेसबुक या इस्टा के जरिए हनीट्रैप का जाल फेंका जाता है। जवान से लेकर बुजुर्ग तक इनके जाल में फंस जाते हैं और उम्र भर की कमाई गंवा देते है। कई मामले तो आत्महत्या तक पहुंच चुके है।

    यू-ट्यूब क्रिमिनल्स को दिखा रहा राह

    कार लोन से बचने और बीमा क्लेम कर पैसा बनाने का एक शातिर तरीका पिछले साल ग्वालियर में सामने आया। इसे यू-ट्यूब से सीखा था। गाजियाबाद के मोदीनगर में 4 दिसंबर 2025 को जूलरी शॉप पर लूट के के दौरान 70 साल के बुजुर्ग गिरधारी लाल की चापड़ से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। आरोपी अंकित गुप्ता ने बीकॉम और एमबीए किया था, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग में 40 लाख गवा चुका था। पूछताछ में बताया कि यूट्यूब देख कर चोरी की साजिश रची थी, लेकिन नौबत हत्या तक पहुंच गई।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।