जरूरी मैचों में नहीं चलता सैमसन का बल्ला
संजू सैमसन पर यह दबाव इसलिए है क्योंकि जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने रन नहीं बनाए। टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत के पसंदीदा ओपनर बनने के बाद से, सैमसन ने कोई बड़ी पारी नहीं खेली है। पिछले चार मैचों में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 37 रन था, जो 22 गेंदों पर आया था। यह उनके करियर का एक पैटर्न रहा है कि जब जिम्मेदारी बढ़ती है तो उनके रन बनाने का तरीका अक्सर गिर जाता है।
सैमसन के सेलेक्शन पर उठ रहे सवाल
2026 टी20 वर्ल्ड कप भारत में होना है और टीम मैनेजमेंट के पास अनिश्चितता के लिए ज्यादा समय नहीं है। भारत को अब स्पष्ट भूमिकाएं, तेज शुरुआत और लगातार अच्छा प्रदर्शन चाहिए। सैमसन का हालिया प्रदर्शन इन मांगों को पूरा नहीं कर पाया है। फिट होने और अच्छी शारीरिक स्थिति में होने के बावजूद, वह क्रीज पर जल्दबाजी करते हुए दिखे हैं। पारी को जमाने की बजाय उन्होंने बहुत जल्दी बड़े शॉट खेलने की कोशिश की जिसके कारण वे आसानी से आउट हुए और उनके चयन पर सवाल उठने लगे हैं।
गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद, संजू सैमसन को लगातार समर्थन मिला था। शुरुआत में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और कुछ ही समय में तीन शतक जड़े जिससे उनकी क्षमता का पता चला और लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम गए हैं। कुछ समय के लिए टीम में उनकी जगह सुरक्षित लग रही थी।
ईशान किशन भी फॉर्म में
सैमसन की जगह के लिए सबसे बड़ा खतरा टीम के अंदर से ही है। ईशान किशन ने चोटिल तिलक वर्मा की जगह आने के बाद मिले मौके का अच्छा फायदा उठाया है। रायपुर में उनकी पारी शांत और नियंत्रित थी, जिसने उन्हें टॉप ऑर्डर के एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश किया है। ईशान किशन विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं जो टीम में उनकी अहमियत को और बढ़ा देता है।
तिलक वर्मा के जल्द ही वापसी करने की उम्मीद है। जब वह वापस आएंगे, तो टीम में फेरबदल हो सकता है। तिलक वर्मा श्रेयस अय्यर की जगह मिडिल ऑर्डर में आ सकते हैं, जिससे सैमसन और किशन के लिए ओपनिंग में सिर्फ एक ही जगह बचेगी। फिलहाल, इस दौड़ में ईशान किशन आगे दिख रहे हैं।














