शेख नासर ने 110 साल की उम्र में शादी की थी और उसके बाद भी वो पिता बनने में कामयाब रहे थे। इस शादी से उन्होंने एक बेटी को जन्म देकर पूरी दुनिया और विज्ञान को भी चौंका दिया था। सौ साल से ज्यादा उम्र में शादी और फिर इतनी ज्यादा उम्र में पिता बनने की उनकी क्षमता ने उन्हें बाकी लोगों से अलग बना दिया था। दुनिया उनकी क्षमता देखकर हैरान रह गई थी। मेडिकल प्रोफेशनल और लाइफस्टाइल रिसर्चर्स ने शेख नासर की शारीरिक सेहत, मानसिक चुस्ती और रोजाना की दिनचर्या का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि इतनी ज्यादा उम्र होने के बाद भी उनमें लोगों का ध्यान खींचने की गजब की अदा थी और प्रकृति ने उन्हें 110 साल की उम्र में पिता बनने की क्षमता से उन्हें नवाजा, जो एक करिश्मा है।
सऊदी अरब में राजनीतिक बदलाव के थे गवाह
शेख नासर की ने अपनी जिंदगी में सऊदी अरब को बनते हुए देखा है। सऊदी अरब को एक गरीब देश से एक अमीर देश में तब्दील होते हुए देखा। उन्होंने सऊदी अरब के संस्थापक राजा, किंग अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुल रहमान अल सऊद (इब्न सऊद) के जमाने से लेकर मौजूदा शासक, किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद तक के शासनकाल को देखा। उन्होंने एक सदी से ज्यादा की जिंदगी में सऊदी को रेगिस्तान से मिडिल ईस्ट का बादशाह तक बनते देखा। उन्होंने सऊदी में तेल अर्थव्यवस्था का उदय देखा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का डेवलपमेंट देखा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में बड़े बदलाव को देखा।
शेख नासर काफी ज्यादा अनुशासित जीवन जीते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में 40 बार हज यात्रा की। उनके परिवार और करीबी लोगों का मानना है कि उनकी मजबूत आध्यात्मिक भक्ति ने उनकी लंबी उम्र में अहम भूमिका निभाई। वो काफी सादा खाना खाते थे और हमेशा अनुशासित और संयम भरा जीवन जीते थे। शेख नासर का एक विशालकाय परिवार था। उनके परिवार में बच्चे, पोते-पोतियां और परपोते-परपोतियां मिलाकर 134 सदस्य थे। उनके परिवार का सऊदी समाज में एक सम्मानित स्थान है और उन्हें बड़े और युवाओं दोनों को मार्गदर्शन देने वाले, पीढ़ियों के बीच एक पुल के रूप में व्यापक रूप से माना जाता था। राजधानी रियाद में उनके अंतिम संस्कार के दौरान कई राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों के नेता पहुंचे थे, जो सऊदी समुदाय में उनके गहरे सम्मान और प्रभाव को दिखाता है।













