इस बीच यूएई से राहत नहीं मिलने के बाद अब पाकिस्तान आईएमएफ की शरण में पहुंचा है। पाकिस्तान चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष 1 अरब डॉलर के लोन की किश्त को जारी करे। पाकिस्तान को कुल 7 अरब डॉलर का लोन मिलना है। जिओ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यूएई ने न केवल 1 साल के लिए लोन बढ़ाने से मना कर दिया है, बल्कि वह 6.5 फीसदी की भारी भरकम दर से पाकिस्तान से ब्याज भी वसूलेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसको औपचारिक स्वीकृति दे दिया जाएगा।
पाकिस्तान पर किन देशों का है कर्ज?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इशाक डार ने इस पूरे मामले में यूएई के अधिकारियों से बात की थी। उन्होंने यह नहीं बताया कि लोन को अब कितने समय बाद लौटाना होगा। इससे पहले यूएई ने इस 2 अरब डॉलर के लोन को केवल एक महीने के लिए ही बढ़ाया था। इससे कंगाल पाकिस्तान की सांसें फूलने लगी थीं। शहबाज शरीफ सरकार ने इससे पहले यूएई से लोन को 2 साल के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था। यूएई ने पाकिस्तान के इस अनुरोध को खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान को कुल 3 अरब डॉलर यूएई को लौटाने हैं। शहबाज सरकार इसे लगातार टालने का अनुरोध कर रही है। पाकिस्तान इस साल करीब 12 अरब डॉलर के विदेशी लोन को टालने के लिए अनुरोध कर रहा है। इसमें सऊदी अरब का 5 अरब डॉलर और चीन का 4 अरब डॉलर है। वहीं यूएई का 3 अरब डॉलर है। पाकिस्तान के नेता लगातार यूएई के दौरे कर रहे हैं लेकिन वहां की सरकार अपने रुख में कोई बदलाव नहीं कर रही है। कई विश्लेषकों का कहना है कि सऊदी अरब से पाकिस्तानी की बढ़ती करीबी दोस्ती यूएई को पसंद नहीं आ रही है। हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति भारत आए थे और कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किया था।













