जीवन में जब भी कोई कठिनाई आए तो ज्योतिष विज्ञान है अथवा नहीं, इस पर शोध करना छोड़कर श्रद्धा भक्ति पूर्वक प्राचीन ग्रंथों में वर्णित दिशा-निर्देशों का अन्तर्मन से पालन करने पर संसार में ऐसी कोई भी मुसीबत नहीं है, जिसका हल उपलब्ध न हो। ज्योतिष शास्त्र एक सूक्ष्म विज्ञान है, तीन लोक चौदह भुवन में ज्योतिष का बहुत बड़ा महत्व है। मानव जीवन में ज्योतिष का ज्ञान एक महत्वपूर्ण भूमिका रखता है, इसकी परंपरा सृष्टि के साथ ही आरंभ हुई थी।
शास्त्रों में ज्योतिषी कैसा होना चाहिए , के बारे में, और ज्योतिषी के गुण-दोष को लेकर विस्तृत व्याख्याएं प्रस्तुत की गई हैं। उन सब मानकों पर खरा उतरने वाले ज्योतिषी की भविष्यवाणियां प्रायः अक्षरशः सत्य साबित होती हैं। जिस प्रकार सूर्य की तेज धूप से बचने के लिए छांव की जरूरत होती है, उसी प्रकार अनिष्ट से बचने के लिए ज्योतिष के माध्यम से विधिपूर्वक अनुष्ठान आदि करने की जरूरत होती है। ज्योतिष शास्त्र के कुछ उपायों के अन्तर्गत दान-पुण्य करने से पूर्व जन्म में एकत्रित पापों का प्रायश्चित होता है, जिसके कारण व्यक्ति अपने वर्तमान जीवन में सफलता, शांति एवं समृद्धि को प्राप्त करता है। प्राचीन ग्रंथों में मानव को जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं, उनका पूर्ण रूप से पालन करने पर शरीर भी रोग, शोक से मुक्ति पाता है। इसलिए कहा गया है कि भाग्य, भगवान और ज्योतिषी पर पूर्ण विश्वास से होता है, मनुष्यों के दुखों का निवारण।















