पूरे भारत के टॉप आठ शहरों में साल 2025 में मकानों की कुल बिक्री 2024 के मुकाबले 12% कम रही। साल 2024 में जहां 4,36,992 यूनिट्स की बिक्री हुई थी, वहीं साल 2025 में यह आंकड़ा 3,86,365 यूनिट्स पर आ गया। यह साल 2022 के बाद सबसे कम सालाना बिक्री है। इसी तरह, नए मकानों की सप्लाई भी 6% कम होकर 3,61,096 यूनिट्स पर पहुंच गई, जो 2021 के बाद सबसे कम है।
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तिमाही नतीजों में भी दिखी मंदी
यह मंदी तिमाही नतीजों में भी साफ दिखी। साल 2025 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मकानों की बिक्री पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10% कम रही। वहीं, पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के मुकाबले भी यह 0.5% कम रही। यह अप्रैल-जून 2023 तिमाही के बाद सबसे कमजोर प्रदर्शन था।
ऑरम प्रोपटैक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ओंकार शेट्ये ने कहा, ‘2025 मांग में कमी का साल नहीं था, बल्कि यह एक समायोजन का साल था। खरीदार सक्रिय तो थे, लेकिन वे ज्यादा सोच-समझकर फैसले ले रहे थे। डेवलपर्स ने भी सप्लाई को नियंत्रित रखा। इससे इन्वेंट्री का दबाव कम हुआ और बिक्री कम होने के बावजूद कीमतें स्थिर रहीं।’
किस शहर का कैसा प्रदर्शन?
- हैदराबाद और चेन्नई लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे। इन शहरों में तिमाही और सालाना दोनों तरह की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी देखी गई।
- चेन्नई में सालाना बिक्री 55% बढ़कर 24,892 यूनिट्स हो गई, जबकि हैदराबाद में यह 6% बढ़कर 54,271 यूनिट्स पर पहुंच गई।
- मुंबई और पुणे में बिक्री में भारी गिरावट आई, जो क्रमशः 26% और 27% रही।
- दिल्ली-एनसीआर एकमात्र ऐसी जगह रही जहां साल 2025 की चारों तिमाहियों में सालाना बिक्री में गिरावट दर्ज की गई।
सप्लाई में भी गिरावट
सप्लाई की बात करें तो दिसंबर तिमाही में आठ शहरों में नए मकानों की लॉन्चिंग पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 4% और पिछली तिमाही के मुकाबले 0.2% बढ़कर 92,007 यूनिट्स हो गई। हालांकि, पूरे साल की बात करें तो साल 2024 की तुलना में कुल सप्लाई 6% कम रही।
यह डेवलपर्स के सतर्क रवैये को दिखाता है, क्योंकि वे मांग में आई नरमी को देखते हुए सावधानी बरत रहे हैं। बिक्री की मात्रा कम होने के बावजूद, प्रमुख बाजारों में घरों की कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि डेवलपर्स ने ज्यादा छूट देने से परहेज किया और कीमतों को स्थिर बनाए रखा।
कैसी रहेगी आगे स्थिति?
रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर जितेंद्र यादव कहते हैं कि दिल्ली-एनसीआर का आवासीय बाजार अब मजबूत गति पकड़ रहा है। इस तिमाही में नए घरों की लॉन्चिंग में 39% की बढ़ोतरी हुई है और पिछले साल की तुलना में यह 2.5 गुना बढ़ गई है। इस विकास में गुरुग्राम सबसे आगे है। मकानों की यह बढ़ती सप्लाई आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर को घर खरीदारों और निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बना देगी।
शेट्ये का कहना है कि हाउसिंग मार्केट अब मैच्योर हो रहा है। साल 2026 में ग्रोथ मुख्य रूप से अफॉर्डेबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इलाकों और शहर-विशेष के हालातों पर निर्भर करेगी, न कि बड़े पैमाने पर तेजी पर। इसका मतलब है कि भविष्य में मकान खरीदना कितना सस्ता है, नई सड़कों या मेट्रो लाइनों के आसपास के इलाके और हर शहर की अपनी खास आर्थिक स्थिति, ये सब मिलकर रियल एस्टेट बाजार को आगे बढ़ाएंगे।













