उन्होंने आज़ाद हिन्द से बातचीत में बताया कि उनकी पसलियां, कमर और रीड की हड्डी में गंभीर चोट लगी हुई है। दिन में हादसे के बाद उन्हें इंदिरा गांधी अस्पताल लाया गया था, लेकिन उसी दिन शाम 4 बजे उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। जबकि उनकी हालत ठीक नहीं थी, उन्होंने डॉक्टर को बोला भी, पर ध्यान नहीं दिया गया। अभी उन्हें 3 महीने तक पूरी तरह बेड रेस्ट पर रहने को कहा गया है और 6 महीने तक गाड़ी चलाने से डॉक्टर ने साफ मना किया है।
जोरदार थी कार की टक्कर
अजीत ने एक्सीडेंट वाले दिन को लेकर बताया कि कार साइड में लगाकर वह खाना खा रहे थे, तभी साइड वाले मिरर पर उनकी नजर पड़ी तो देखा कि एक कार जिसके आगे बाइक फंसी हुई थी। वह तेजी से उनकी कैब के पीछे आ रही थी, जब तक वह अपनी कैब से उतर पाते, तब तक उसने पीछे से कैब में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि उनकी कैब आगे 10 मीटर दूर खड़ी बस में जाकर टकरा गई।
कैसे हुआ साहिल का एक्सीडेंट?
अजीत का कहना है कि द्वारका सेक्टर-11 के जिस रोड पर यह हादसा दिन में हुआ, वह सिंगल रोड है। लेफ्ट तरफ से एक बस जा रही थी, उसके पीछे साहिल बाइक पर जा रहे थे। जब वह बस से आगे निकले तो सामने से आ रही स्कॉर्पियो कार ने बाइक में टक्कर मार दी। इसके बाद कार ने बाइक सहित उनकी कैब में टक्कर मार दी।
अपने 23 साल के इकलौते बेटे को खोने वाली मां ने नम आंखों और रुंधे गले से कहा कि ‘रील’ बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए किए गए स्टंट ने न केवल उनके बेटे की जान ली, बल्कि उसे लेकर उन्होंने जो सपने देखे थे, उन्हें भी चकनाचूर कर दिया।













