सुबह 9.23 बजे सेंसेक्स 1678.23 अंक यानी 2.09% गिरावट के साथ 78,560.62 अंक पर था। निफ्टी 520.70 अंक यानी 2.09% गिरावट के साथ 24,345.00 अंक पर ट्रेड कर रहा था। सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयरों में गिरावट आई है। लार्सन एंड टुब्रों में सबसे ज्यादा 5.79 फीसदी गिरावट आई है। इसी तरह टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा में तीन फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है।
इससे बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 7.93 लाख करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 449 लाख करोड़ रुपये रह गया। इससे पहले दो दिन की गिरावट में निवेशकों को 11 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी थी। दूसरी ओर इन्फोसिस, बीईएल और एचसीएल टेक के शेयरों में तेजी आई है। आईटी को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्सेज में गिरावट आई है।
₹6.5 लाख करोड़ स्वाहा! ईरान संकट से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1,040 अंक लुढ़का
कच्चे तेल की कीमत
इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स में 1,048 अंक की गिरावट आई थी जबकि निफ्टी 313 अंक लुढ़का था। दोनों इंडेक्स अपने छह महीने के निचले स्तर पर थे। इस बीच कच्चे तेल की कीमत में आज फिर तेजी दिख रही है। ब्रेंट क्रूड 1.03 फीसदी तेजी के साथ 82.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। शनिवार से इसमें करीब 15 फीसदी तेजी आ चुकी है। मंगलवार को यह 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।
- होली पर शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट
- शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,700 अंक लुढ़का
- सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर लुढ़के, L&T सबसे ज्यादा गिरा
- रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत में महंगाई बढ़ सकती है और रुपया कमजोर हो सकता है। डॉलर के मजबूत होने से मंगलवार को सोने और चांदी कीमत में गिरावट आई। कॉमेक्स पर सोने की कीमत में करीब 5 फीसदी और चांदी में 8 फीसदी गिरावट रही। इस बीच साउथ कोरिया का कॉस्पी 12 फीसदी से अधिक गिर गया। यह 12.6 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था जो कई साल में सबसे बड़ी गिरावट है।













