देश की सबसे वैल्यूएबल आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर बीएसई पर 4.5 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ 2,776 रुपये पर आ गया जो इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर है। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप भी 10 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, एमफेसिस और विप्रो के शेयरों में भी 4 से 5 फीसदी तक गिरावट आई। इससे सभी आईटी शेयरों का मार्केट कैप 1.3 लाख करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 27.6 लाख करोड़ रुपये रह गया।
₹1.9 लाख करोड़ स्वाहा! आईटी शेयरों का कत्लेआम, अमेरिका से डील के बावजूद क्यों आई गिरावट?
क्यों आ रही है गिरावट?
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि टेक स्टॉक एंथ्रोपिक के कारण सदमे में हैं और उन्हें उबरने में अभी समय लगेगा। भारत में आईटी कंपनियों की परेशानी फिलहाल जारी रहेगी। निवेशक आईटी से दूसरे सेक्टर में स्विच कर सकते हैं। हाल में अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने एक टूल जारी किया था जो कई तरह के काम कर सकता है। इससे आईटी सर्विसेज देने वाली कंपनियों के रेवेन्यू के प्रभावित होने की आशंका है।
कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में 40 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। मार्जिन प्रेशर और सुस्त मांग से जूझ रही आईटी इंडस्ट्री के लिए एंथ्रोपिक का टूल मुसीबत लेकर आया है। निवेशकों में घबराहट में आईटी शेयरों को बेचना शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि क्या परंपरागत आईटी सर्विसेज कंपनियां एआई का मुकाबला कर पाएंगी?













