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  • ₹19430000000000 की कमाई… डायरेक्ट टैक्स से सरकार की भर गई झोली, रिफंड में भी आई कमी

    नई दिल्ली: सरकार को डारेक्ट टैक्स कलेक्शन (सीधे सरकार को मिलने वाला टैक्स) से जबरदस्त कमाई हुई है। इस वित्तीय वर्ष में 10 फरवरी तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.4% बढ़कर 19.43 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अच्छी बढ़ोतरी दिखाता है। इससे पता चलता है कि


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    By Azad Hind Desk फरवरी 11, 2026
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    नई दिल्ली: सरकार को डारेक्ट टैक्स कलेक्शन (सीधे सरकार को मिलने वाला टैक्स) से जबरदस्त कमाई हुई है। इस वित्तीय वर्ष में 10 फरवरी तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.4% बढ़कर 19.43 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अच्छी बढ़ोतरी दिखाता है। इससे पता चलता है कि टैक्स भरने वाले लोग और आर्थिक गतिविधियां दोनों ही ठीक चल रही हैं। इनकम टैक्स विभाग ने बुधवार को ये आंकड़े जारी किए।
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    कहां से कितनी हुई कमाई?

    • कॉर्पोरेट टैक्स (कंपनियों से मिलने वाला टैक्स) 14.51% बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
    • व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) जैसे गैर-कॉर्पोरेट टैक्स में 5.91% की बढ़ोतरी हुई है और यह लगभग 10.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
    • सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगने वाला टैक्स) 1 अप्रैल से 10 फरवरी के बीच 50,279 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि के लगभग बराबर ही है।

    टैक्स रिफंड में आई कमी

    सरकार की एक तरफ डायरेक्ट टैक्स से जहां कमाई बढ़ी है वहीं टैक्स रिफंड (सरकार द्वारा टैक्स के रूप में ज्यादा जमा किए गए पैसे वापस करना) में कमी आई है। टैक्स रिफंड इस अवधि में 18.82% घटकर 3.34 लाख करोड़ रुपये रह गया।

    इस वित्तीय वर्ष में 10 फरवरी तक, डायरेक्ट टैक्स का कुल कलेक्शन (ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन) 4.09% बढ़कर 22.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसमें कॉर्पोरेट टैक्स और गैर-कॉर्पोरेट टैक्स से कुल 10.88 लाख करोड़ रुपये और 11.39 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) के लिए संशोधित अनुमानों (RE) में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 24.84 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है।

    TDS के लिए नया फॉर्म जारी

    टीडीएस (TDS) कटौती से राहत पाने के लिए आयकर विभाग में एक खास फॉर्म भरकर आवेदन करना होता है। इसके बाद आपको कुछ समय के लिए शून्य या कम टीडीएस का सर्टिफिकेट मिल जाता है। कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने वाले फॉर्म का नाम आयकर अधिनियम, 2025 के तहत बदल दिया गया है। पहले, टैक्सपेयर्स विभाग से कम या शून्य टीडीएस की अनुमति मांगने के लिए फॉर्म 13 (1961 के कानून के तहत) का इस्तेमाल करते थे। लेकिन नए 2025 अधिनियम के साथ, फॉर्म नंबर और सेक्शन बदल गए हैं। अब आपको फॉर्म 128 का उपयोग करके आवेदन करना होगा।

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