चांदी ने साल 2025 में करीब 170 फीसदी रिटर्न दिया है। इसने रिटर्न के मामले में सोने को काफी पीछे छोड़ दिया। भू-राजनीतिक जोखिमों और औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण चांदी की मांग बढ़ रही है। यही कारण है कि चांदी की कीमत आसमान छू रही है। महंगाई कम होने और ब्याज दरों में लंबे समय तक कोई बदलाव न होने की उम्मीदों के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं।
Gold Silver Price Today, 12 January 2026: चांदी सुबह-सुबह 100000 रुपये से ज्यादा महंगी हुई, सोने में भी तेजी, कहां पहुंचा भाव?
3 लाख रुपये पहुंचने में कितना समय?
31 दिसंबर 2025 को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 2,35,701 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। आज सोमवार को दोपहर 4:30 बजे यह 2,64,876 रुपये पर कारोबार कर रही थी। ऐसे में इसमें इन 12 दिनों में 29,139 रुपये यानी 12 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। चांदी की कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से 35,160 रुपये दूर है। अगर चांदी में तेजी इसी प्रकार बनी रहती है तो यह इसी महीने यानी जनवरी में ही 3 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा छू लेगी।
क्या है एक्सपर्ट की राय?
पिछले हफ्ते ही चांदी की कीमतों में 7% से ज्यादा का उछाल आया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, वेनेजुएला में राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर बढ़ते दबाव के कारण ऐसा हुआ। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट पर आक्रामक खरीद देखी जा रही है, जो इसकी मजबूत मांग को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, ‘चांदी कीमती धातुओं में एक हाई-बीटा लीडर की तरह व्यवहार कर रही है। जब तक यह 2,65,000 रुपये से ऊपर बनी रहती है, तब तक इसमें तेजी की उम्मीद बनी रहेगी।’ उन्होंने कहा कि 2,70,000 रुपये से ऊपर निकलने पर यह 2,80,000 रुपये से 3,00,000 रुपये तक जा सकती है। वहीं नीचे की ओर 2,48,000 रुपये से 2,45,000 रुपये के आसपास सहारा मिलने की उम्मीद है।
इस साल कहां तक पहुंचेगी कीमत?
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि चांदी में साल 2026 में अपना रिकॉर्ड तोड़ने का सिलसिला जारी रखने की काफी ताकत है। मोतीलाल ओसवाल ने एमसीएक्स चांदी के लिए साल 2026 का लक्ष्य 3.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तय किया है। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि औद्योगिक मांग में वृद्धि चांदी की कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है। हालांकि ब्रोकरेज ने 1.40 लाख रुपये का जोखिम-निवारण स्तर भी सुझाया है।











